
चंबा। वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि नागछतरी, जंगली लहसुन व अन्य जड़ी बूटियों के अब वन मंडल अधिकारी परमिट जारी करेंगे। जिला योजना समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि जड़ी बूटियां निकालने के लिए योजनाबद्ध तरीके से वनपरिक्षेत्र खोले जाएंगे। प्रतिबंधित वन परिक्षेत्रों में जड़ी बूटियों का दोहन नहीं किया जा सकेगा। इससे प्राकृतिक जड़ी बूटियों का वजूद भी खत्म नहीं होगा। एक वर्ष एक परिक्षेत्र से जड़ी बूटियां निकालने के बाद अगले वर्ष उस परिक्षेत्र को एक वर्ष के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। बैठक में यह मामला जिप उपाध्यक्ष पवन ने वनमंत्री के समक्ष रखा था। वन मंत्री ने कहा कि उदयपुर में स्थापित वन निगम के लकड़ी डिपो में रिटेल शुरू कर दी गई है। यहां हर वर्ग का व्यक्ति अपनी मांग के अनुसार लकड़ी ले सकता है।
आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता आरसी कपूर ने बैठक में कहा कि चंबा शहर में आग की घटना होने पर आईपीएच की घटिया हाइड्रेंट प्रणाली को दोष दिया जाता है। कई वर्ष पहले बना हाइड्रेंट सिस्टम पूरी तरह खराब हो चुका है। इस पर वन मंत्री ने हाइड्रेंटों की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस राशि से हाइड्रेंटों की दशा सुधारी जाए। इसके लिए आगे और बजट का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने काहरी वार्ड की जिप सदस्य सुदेश ठाकुर के चुवाड़ी क्षेत्र में चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने के सवाल पर कहा कि प्रदेश सरकार ने समस्त विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागों में रिक्त पड़े पदों पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी।
वन मंत्री ने जिप सदस्य राज सिंह के प्रोजेक्टों की रायल्टी चंबा के बढ़ाने के सवाल पर कहा कि जल्द परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पैसों का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब पंचायत के कार्यों में कुल व्यय किए जाने वाले धन में से 30 प्रतिशम धन सड़कों के निर्माण पर खर्च किया जा सकता है। उन्होंने रिकार्ड रूम की व्यवस्था के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।
